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#✍️ अनसुनी शायरी #🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #💞Heart touching शायरी✍️ #💌शब्द से शायरी✒️ #📚कविता-कहानी संग्रह
✍️ अनसुनी शायरी - हाय, क्या शायरी है बेनाम सा ये दर्द ठहर क्यूँ नहीं जाता जो बीत गया है वो गुजर क्यूँ नहीं जाता, सब कुछ तो है क्या ढूंढती रहती है निगाहें क्या बात है मै वक्त पर घर क्यूँ नहीं जाता, वो एक ही चेहरा तो नहीं जहां में जो दूर है वो दिल से उतर क्यूँ नहीं जाता, मै अपनी ही राहों का उलझ हुआ तमसा हूं जाते है जिधर सब मै उधर क्यूँ नहीं जाता, वो ख्वाब बरसों से न चेहरा बदन है वो ख्वाब हवाओं  में बिखर क्यूँ नहीं जाता। हाय, क्या शायरी है बेनाम सा ये दर्द ठहर क्यूँ नहीं जाता जो बीत गया है वो गुजर क्यूँ नहीं जाता, सब कुछ तो है क्या ढूंढती रहती है निगाहें क्या बात है मै वक्त पर घर क्यूँ नहीं जाता, वो एक ही चेहरा तो नहीं जहां में जो दूर है वो दिल से उतर क्यूँ नहीं जाता, मै अपनी ही राहों का उलझ हुआ तमसा हूं जाते है जिधर सब मै उधर क्यूँ नहीं जाता, वो ख्वाब बरसों से न चेहरा बदन है वो ख्वाब हवाओं  में बिखर क्यूँ नहीं जाता। - ShareChat