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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #📖 कविता और कोट्स✒️ #_alone_creator #🖋ग़ालिब की शायरी #🙏 राधा रानी
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - में तुम ' दोषी निकलोगे हर उस रिश्ते में पार्थ, अंत जिसको तुमने निःस्वार्थ निभाया होगा.. ७७० में तुम ' दोषी निकलोगे हर उस रिश्ते में पार्थ, अंत जिसको तुमने निःस्वार्थ निभाया होगा.. ७७० - ShareChat