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#किसको_मिले_कबीरभगवान कबीर परमात्मा, संत दादू दयाल जी से सन् 1551 में आमेर (राजस्थान) में मिले थे। इस पर दादू जी ने कहा है: जिन मोकुं निज नाम दिया, सोइ सतगुरु हमार। दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सृजन हार।। - कबीरपंथी शब्दावली, पृष्ठ 233 ##विश्व_शुभचिंतक_संतरामपालजी
#विश्व_शुभचिंतक_संतरामपालजी - संत मलूक दास जी को भी कबीर परमात्मा के दर्शन हुए थे। बंदीछोड़ सतगुरू रामपाल जी महाराज  की पावन उपस्थनि मे ६२९ ग दिवस कबीर परश्वर प्रकट 29 লূন 2026 उन्होंने अपने पद में कबीर साहेब की महिमा का गान किया हैः जपो रे मन सतगुरु नाम कबीर। । जपो रे मन परमेश्वर नाम कबीर। दाग से सतगुरु न्यारा, अजरो अमर शरीर।  चार दास मलूक सलूक कहत हैं, खोजो खसम कबीर। | कबीर सागर, अध्याय अगम निगम बोध पृष्ठ ४५ Sant Rampal Ji YOUTUBE Maharaj CHANNEL @SaintRampalJiMaharal संत मलूक दास जी को भी कबीर परमात्मा के दर्शन हुए थे। बंदीछोड़ सतगुरू रामपाल जी महाराज  की पावन उपस्थनि मे ६२९ ग दिवस कबीर परश्वर प्रकट 29 লূন 2026 उन्होंने अपने पद में कबीर साहेब की महिमा का गान किया हैः जपो रे मन सतगुरु नाम कबीर। । जपो रे मन परमेश्वर नाम कबीर। दाग से सतगुरु न्यारा, अजरो अमर शरीर।  चार दास मलूक सलूक कहत हैं, खोजो खसम कबीर। | कबीर सागर, अध्याय अगम निगम बोध पृष्ठ ४५ Sant Rampal Ji YOUTUBE Maharaj CHANNEL @SaintRampalJiMaharal - ShareChat