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जिम्मेदारी कंधों पर रखी हुई, एक अनकही सी बात है, हर कदम को दिशा देती, जीवन की ये सौगात है। कभी बोझ सी लगती है, कभी गर्व का एहसास, जिम्मेदारी ही बनाती है, इंसान को ख़ास॥ ~ डॉ. मुल्ला आदम अली ©® Dr. Mulla Adam Ali's Poem: Responsibility #poetry #hindi #Responsibility #कविता #kavita
poetry - कंधों पर रखी हुई, एक अनकही सी बात है, EE $qச$Tfer4, जीवन की ये सौगात है। कभी बोझ सी लगती है, कभी गर्व का एहसास, जिम्मेदारी ही बनाती है, इंसान को ख़ास।। डॉ. मुल्ला आदम अली Mulla Adam Ali Dr कंधों पर रखी हुई, एक अनकही सी बात है, EE $qச$Tfer4, जीवन की ये सौगात है। कभी बोझ सी लगती है, कभी गर्व का एहसास, जिम्मेदारी ही बनाती है, इंसान को ख़ास।। डॉ. मुल्ला आदम अली Mulla Adam Ali Dr - ShareChat