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एक हद तक "सहा" करो... उसके बाद "स्वाहा" करो। 🔥 हर रिश्ते, हर इंसान और हर परिस्थिति की एक सीमा होती है। जहाँ तक सम्मान बचा रहे, वहाँ तक सहनशीलता अच्छी है... लेकिन जहाँ आत्मसम्मान पर चोट होने लगे, वहाँ चुप रहना नहीं, फैसला लेना ज़रूरी है। याद रखिए — सहनशीलता आपकी ताकत है, लेकिन आत्मसम्मान आपकी पहचान। ❤️🔥 ✍️Baburam #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #👍 सफलता के मंत्र ✔️ #☝ मेरे विचार #🙏कर्म क्या है❓ #❤️जीवन की सीख
📖जीवन का लक्ष्य🤔 - एक हद तक SI करो, उसके बाद.. स्वह्या करो! 35 अग्नये स्वहा स्वाहा अगनये ` 39 RBansal एक हद तक SI करो, उसके बाद.. स्वह्या करो! 35 अग्नये स्वहा स्वाहा अगनये ` 39 RBansal - ShareChat