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#🗣कबीर अमृतवाणी📢
🗣कबीर अमृतवाणी📢 - चिंता से चतुराई घटे, घटे रूप और ज्ञान। चिंता बड़ी अभागिनी चिंता चिता सामान। भरोसे राम के, तुलसी निर्भय हो के सोय। अनहोनी होनी नहीं, होनी होय सो होय। Ramesh Sariyala चिंता से चतुराई घटे, घटे रूप और ज्ञान। चिंता बड़ी अभागिनी चिंता चिता सामान। भरोसे राम के, तुलसी निर्भय हो के सोय। अनहोनी होनी नहीं, होनी होय सो होय। Ramesh Sariyala - ShareChat