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ज़िंदगी में सबसे ज़्यादा अहमियत किसकी है? एक बार एक युवक ने एक संत से पूछा, "गुरुदेव, मेरी ज़िंदगी में सबसे ज़्यादा अहमियत किसकी है—माँ, पिता, परिवार, दोस्त या इश्क़?" संत मुस्कुराए और उसे नदी किनारे ले गए। उन्होंने युवक से कहा, "पानी में उतर जाओ।" युवक पानी में उतर गया। संत ने अचानक उसका सिर पानी के अंदर दबा दिया। कुछ क्षण बाद युवक तड़पने लगा। जब उसे बाहर निकाला गया तो वह तेज़-तेज़ साँस लेने लगा। संत ने पूछा, "जब तुम पानी में थे, तब तुम्हें सबसे ज़्यादा किसकी ज़रूरत महसूस हुई?" युवक बोला, "साँस की।" संत ने कहा, "जिस तरह उस समय तुम्हारे लिए साँस सबसे ज़रूरी थी, उसी तरह जीवन के हर पड़ाव पर किसी न किसी रिश्ते की अहमियत सबसे ज़्यादा होती है। बचपन में माँ का प्यार सबसे बड़ा सहारा होता है। जवानी में पिता की सीख और मार्गदर्शन रास्ता दिखाते हैं। मुश्किल समय में परिवार ढाल बनकर खड़ा रहता है। अकेलेपन में दोस्त हौसला देते हैं। और जब सच्चा इश्क़ मिलता है, तो वह जीवन में रंग भर देता है। लेकिन इन सबकी जड़ एक ही है—प्यार और अपनापन। जो रिश्ता आपको सही राह, सम्मान और सुकून दे, उसी की उस समय सबसे ज़्यादा अहमियत होती है। इसलिए किसी एक को सबसे बड़ा और दूसरे को छोटा मत समझो। माँ, पिता, परिवार, दोस्त और प्रेम—ये सब मिलकर ही ज़िंदगी को पूरा बनाते हैं। ❤️🌹 #❤️जीवन की सीख #🌸 सत्य वचन #☝अनमोल ज्ञान #☝आज का ज्ञान
❤️जीवन की सीख - आपकी ज़िंदगी में सबसे कीमत्ती चीज़ क्या है? টিনা परिवार दोस्त अपना जवाब इश्क कमेंट में दें..2 आपकी ज़िंदगी में सबसे कीमत्ती चीज़ क्या है? টিনা परिवार दोस्त अपना जवाब इश्क कमेंट में दें..2 - ShareChat