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क्या था क्या बन सकता था क्या बन गया #✨हमार विचार #🙏 सम्मान सर्वोपरि #💌शायरी के डायरी📚 #⏳शब्द से शायरी: वक़्त
✨हमार विचार - বথা থা क्या बन सकता था क्या बन गया खुद पर विश्वास किया और सपने थे, लेकिन दिशा सा़फ नहीं थी। अगर खुद पर भरोसा रखता, मेहनत जारी रखी। तो कुछ ' भी संभव था। मेहनत करता था, लेकिन खुद पर आई, लेकिन हिम्मत मुश्किलें मेहनत + सही दिशा + धैर्य = यकीन कम था। नहीं हारी। जरूर मिलती| कामयाबी | वैसे ही चल रहा था। সাত বী সুকচাস সিলা, তী हालात जैसे थे, बस में बदल ' মপনী কী যীতনা सकता था। कभी सपना था। मंजिल दूर लगती थी। अब लोग कहते हैं . अपने हालात बदल सकता था। ये तो मिसाल बन गया! क्या था क्या बन सकता था क्या बन गया বথা থা क्या बन सकता था क्या बन गया खुद पर विश्वास किया और सपने थे, लेकिन दिशा सा़फ नहीं थी। अगर खुद पर भरोसा रखता, मेहनत जारी रखी। तो कुछ ' भी संभव था। मेहनत करता था, लेकिन खुद पर आई, लेकिन हिम्मत मुश्किलें मेहनत + सही दिशा + धैर्य = यकीन कम था। नहीं हारी। जरूर मिलती| कामयाबी | वैसे ही चल रहा था। সাত বী সুকচাস সিলা, তী हालात जैसे थे, बस में बदल ' মপনী কী যীতনা सकता था। कभी सपना था। मंजिल दूर लगती थी। अब लोग कहते हैं . अपने हालात बदल सकता था। ये तो मिसाल बन गया! क्या था क्या बन सकता था क्या बन गया - ShareChat