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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - ೨ गुनाहों का हिसाब मत मांग ತಣ মীই মালিব্র. कलम तो तेरी ही चली थी मेरी तकदीर लिखने में... ! ೨ गुनाहों का हिसाब मत मांग ತಣ মীই মালিব্র. कलम तो तेरी ही चली थी मेरी तकदीर लिखने में... ! - ShareChat