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हवा, पानी और साँसों से चलने वाली ज़िंदगी… आज हवस, डर और टूटती इंसानियत के साए में खड़ी है। क्या सच में समाज आगे बढ़ रहा है, या सिर्फ़ तकनीक? पूरा लेख पढ़ें 👇 🔗 https://hindiwriterrishika.blogspot.com/2026/05/blog-post_769.html⁠ #हवस #बलात्कार #इंसानियत #समाज_की_सच्चाई #महिला_सुरक्षा #HindiWriterRishika #DarkReality #Truth @Hindiwriterrishika #reality #Society #☝ मेरे विचार #🌸 सत्य वचन #📒 मेरी डायरी
reality - जब ड़िँदगी साँसों से चलती थी॰॰ अब हवस ने आँक्सीजन , हवा, पानी और सुकून से ज़िंदगी की जगह ले ली है ऑक्सीजन 35 धर्म नहीं हवा 34 78 पानी रिश्ता नहीं सुकून इंसानियत नहीं नारी सुरक्षित नहीं कहीं भी॰ कभी भी जानवर भी सुरक्षित  7 रिश्ते थे, सम्मान था, हर तरफ़ एक ही शब्द गूंज रहा है दरिंदगी हर जगह इंसानियत थी॰ @@  खुलेआम , बेखौफ , बेरहम बलात्कार की खूबरें Tin=f अंब आम हो चुकी हैं নক ব্রুপ ২৪যা कब FJustice BREAKING NEWS कब तक सहेंगे ? #Rape फिर एक और #Shame बलात्कार को चटना #StopRape ट्रैंड तो होते ह নৌচীনা কবেদলান इंसानियतमचुकीहैं तकनीक आगे बढ़ गई, बटी बचाओ सिर्फ नारा लेकिन सोच , संस्कार और इंसानियत पीछे छूट गए। नही ज़रुरत सिर्फ़ कानून की नहीं , विचार बनाओ सोच बदलने की है! हवस को हराना है , इंसानियत को बचाना है! जब ड़िँदगी साँसों से चलती थी॰॰ अब हवस ने आँक्सीजन , हवा, पानी और सुकून से ज़िंदगी की जगह ले ली है ऑक्सीजन 35 धर्म नहीं हवा 34 78 पानी रिश्ता नहीं सुकून इंसानियत नहीं नारी सुरक्षित नहीं कहीं भी॰ कभी भी जानवर भी सुरक्षित  7 रिश्ते थे, सम्मान था, हर तरफ़ एक ही शब्द गूंज रहा है दरिंदगी हर जगह इंसानियत थी॰ @@  खुलेआम , बेखौफ , बेरहम बलात्कार की खूबरें Tin=f अंब आम हो चुकी हैं নক ব্রুপ ২৪যা कब FJustice BREAKING NEWS कब तक सहेंगे ? #Rape फिर एक और #Shame बलात्कार को चटना #StopRape ट्रैंड तो होते ह নৌচীনা কবেদলান इंसानियतमचुकीहैं तकनीक आगे बढ़ गई, बटी बचाओ सिर्फ नारा लेकिन सोच , संस्कार और इंसानियत पीछे छूट गए। नही ज़रुरत सिर्फ़ कानून की नहीं , विचार बनाओ सोच बदलने की है! हवस को हराना है , इंसानियत को बचाना है! - ShareChat