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#दोस्ती #दोस्त #मित्र #मैत्री #मैत्री प्रेम
दोस्ती - जनाजा और बारात मैनें एक दोस्त को फोन किया और॰ कहा कियह मेरा नया नंबर है॰ सेव कर लेना। उसने बहुत अच्छा जवाब दिया और मेरी आँखों 317 उसने कहा तेरी आवाज़ से निकल आए 4 मैंने सेव कर रखी है। नंबर तुम चाहे कितने भी बदल लो॰ मुझे कोई  फर्क नहीं पड़ता। मैं तुझे तेरी आवाज़़ से ही पहचान लूंगा। ये सुन के मुझे हरिवंश राय बच्चनजी की बहुत ही सुन्दर कविता याद आ गई..ः "अगर बिकी तेरी दोस्ती तो पहले खरीददार हम होंगे। तुझे ख़बर ना होगी तेरी कीमत , पर तुझे पाकर सबसे अमीर గT గగౌ I| "दोस्त साथ हों तो रोने में भी शान है। दोस्त ना हो तो महफिल भी शमशान है। "सारा खेल दोस्ती का हे ए मेरे दोस्तः वरना.. जनाजा और बारात एक ही समान है। @ वेदांत मोकल जनाजा और बारात मैनें एक दोस्त को फोन किया और॰ कहा कियह मेरा नया नंबर है॰ सेव कर लेना। उसने बहुत अच्छा जवाब दिया और मेरी आँखों 317 उसने कहा तेरी आवाज़ से निकल आए 4 मैंने सेव कर रखी है। नंबर तुम चाहे कितने भी बदल लो॰ मुझे कोई  फर्क नहीं पड़ता। मैं तुझे तेरी आवाज़़ से ही पहचान लूंगा। ये सुन के मुझे हरिवंश राय बच्चनजी की बहुत ही सुन्दर कविता याद आ गई..ः "अगर बिकी तेरी दोस्ती तो पहले खरीददार हम होंगे। तुझे ख़बर ना होगी तेरी कीमत , पर तुझे पाकर सबसे अमीर గT గగౌ I| "दोस्त साथ हों तो रोने में भी शान है। दोस्त ना हो तो महफिल भी शमशान है। "सारा खेल दोस्ती का हे ए मेरे दोस्तः वरना.. जनाजा और बारात एक ही समान है। @ वेदांत मोकल - ShareChat