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#☸️जय भीम #🙏महामानव डॉ. आंबेडकर #🙏 बाबांचे स्टेटस #💙जय भीम-गाथा महामानवाची 🤍 #🙏 डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर
☸️जय भीम - ऐतिहासिक दिनविशेष 29 জুন 1928 २९ जून १९२८ समना ध्रक्षिकर्डा४ बाबासाहेब ओंबैडकर्रंनी सुरुकैले ambedkarcentre_zhde प्तमाज प्तमता प्ंघारचे पाक्षिक मुख्पत्र ণিত্ব প্যাল] ম; 91 मत बीट भाता समता ಒnrr9 ೪nggrrve [ मा॰चि॰पणान ९९  =. 0 =|~. 97v  85854  ए्म परनिपाप्त  /~- 4*7Sv7 TY(Aನ नर्प ? ले. ) शुक्रवार, तारीत २९ जून प्तन १९२८ इस्तवी॰  [সব্ধ ? বা दादर স ৎক্র  महत्वपूर्ण  २९ जून, १९२८ को भारतीय पत्रकारिता के इतिहास  की शुरुआत। इस  घटना घटी डॉ॰ बी॰आर॰ द्वारा समता अखबार अभूतपूर्व प्रकाशन ने अंबेडकर के लिए सामाजिक न्याय की वकालत करने , हाशिये पर पडे़े लोगों के अधिकारों की वकालत करने और भारतीय समाज को त्रस्त करने वाली प्रचलित जाति आधारित असमानताओं को चुनौती देने के लिए एक शक्तिशाली मंच के रूप में कार्य किया। डॉ॰ अंबेडकर के चतुर संपादकीय ओर समता में विचारोत्तेजक लेखों ने इस स्थिति को चुनौती दी। इससे व्यापक सामाजिक जागृति आई। यह शब्दों की शक्ति, समानता की खोज में पत्रकारिता के महत्व के प्रमाण के रूप में खडा है। Ashu Creation 358 या पाक्षिकाचा उद्देश समाजातील अन्याय आणि वेदना नियतकलिकाचे लोकांपर्यंत पोहचवणे हा होता 'समता रूपांतर पुढे 'प्रबुद्ध भारत' मध्ये झालं जेव्हा डॉ॰ बौद्ध  बाबासाहेब आंबेकरांनी धम्म स्वीकारला. ऐतिहासिक दिनविशेष 29 জুন 1928 २९ जून १९२८ समना ध्रक्षिकर्डा४ बाबासाहेब ओंबैडकर्रंनी सुरुकैले ambedkarcentre_zhde प्तमाज प्तमता प्ंघारचे पाक्षिक मुख्पत्र ণিত্ব প্যাল] ম; 91 मत बीट भाता समता ಒnrr9 ೪nggrrve [ मा॰चि॰पणान ९९  =. 0 =|~. 97v  85854  ए्म परनिपाप्त  /~- 4*7Sv7 TY(Aನ नर्प ? ले. ) शुक्रवार, तारीत २९ जून प्तन १९२८ इस्तवी॰  [সব্ধ ? বা दादर স ৎক্র  महत्वपूर्ण  २९ जून, १९२८ को भारतीय पत्रकारिता के इतिहास  की शुरुआत। इस  घटना घटी डॉ॰ बी॰आर॰ द्वारा समता अखबार अभूतपूर्व प्रकाशन ने अंबेडकर के लिए सामाजिक न्याय की वकालत करने , हाशिये पर पडे़े लोगों के अधिकारों की वकालत करने और भारतीय समाज को त्रस्त करने वाली प्रचलित जाति आधारित असमानताओं को चुनौती देने के लिए एक शक्तिशाली मंच के रूप में कार्य किया। डॉ॰ अंबेडकर के चतुर संपादकीय ओर समता में विचारोत्तेजक लेखों ने इस स्थिति को चुनौती दी। इससे व्यापक सामाजिक जागृति आई। यह शब्दों की शक्ति, समानता की खोज में पत्रकारिता के महत्व के प्रमाण के रूप में खडा है। Ashu Creation 358 या पाक्षिकाचा उद्देश समाजातील अन्याय आणि वेदना नियतकलिकाचे लोकांपर्यंत पोहचवणे हा होता 'समता रूपांतर पुढे 'प्रबुद्ध भारत' मध्ये झालं जेव्हा डॉ॰ बौद्ध  बाबासाहेब आंबेकरांनी धम्म स्वीकारला. - ShareChat