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#मेरी कविता #मेरी कविता
मेरी कविता - खेला ममता संग (इंद्रजीत पाली ) बंगाल में हो गया, खेला ममता संग। उभरे दादा सुवेंदु बनकर बड़े दबंग। | बनकर बड़े दबंग, पटखनी ऐसी मारी। धरी रह गई टीएमसी की सब तैयारी। | दीदी घर में बैठ कर, कर लो अब विश्राम। भगवाधारी कर लेंगे , बचे हुए सब काम। | खेला ममता संग (इंद्रजीत पाली ) बंगाल में हो गया, खेला ममता संग। उभरे दादा सुवेंदु बनकर बड़े दबंग। | बनकर बड़े दबंग, पटखनी ऐसी मारी। धरी रह गई टीएमसी की सब तैयारी। | दीदी घर में बैठ कर, कर लो अब विश्राम। भगवाधारी कर लेंगे , बचे हुए सब काम। | - ShareChat