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#Tareekh e Islam #🕌حقائق اسلام☪ #🇮🇳قومی جانکاریاں📰
Tareekh e Islam - इशहाक अली, जो सरकारी अस्पताल में कर्मचारी थे, ३१ दिसंबर २०१९ को सेवानिवृत्त हुए, लेकिन उससे करीब 7 साल पहले ही राजस्व अभिलेखों में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया आरोप है कि लेखपाल ने उनकी पैतृक जमीन उन्हें मृत दिखाकर एक महिला के नाम दाखिल खारिज कर दी इसी के विरोध में इशहाक अली कफ़न ओढ़कर डीएम कार्यालय और पहुंचे अधिकारियों के सामने खुद को जिंदा साबित करने की कोशिश की पिछले 7 वर्षों से वह सरकारी रिकॉर्ड में पहचान और हक वापस पाने के अपनी लिए  संघर्ष कर रहे हैं इशहाक अली, जो सरकारी अस्पताल में कर्मचारी थे, ३१ दिसंबर २०१९ को सेवानिवृत्त हुए, लेकिन उससे करीब 7 साल पहले ही राजस्व अभिलेखों में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया आरोप है कि लेखपाल ने उनकी पैतृक जमीन उन्हें मृत दिखाकर एक महिला के नाम दाखिल खारिज कर दी इसी के विरोध में इशहाक अली कफ़न ओढ़कर डीएम कार्यालय और पहुंचे अधिकारियों के सामने खुद को जिंदा साबित करने की कोशिश की पिछले 7 वर्षों से वह सरकारी रिकॉर्ड में पहचान और हक वापस पाने के अपनी लिए  संघर्ष कर रहे हैं - ShareChat