jai Singh Dass
#सत_भक्ति_संदेश
जन्म-मृत्यु का चक्र
जैसे रेल में डिब्बा भरा होता है,
जिस-जिसने जहाँ-जहाँ की टिकट ले रखी है, वहाँ-वहाँ उतरकर चले जाते हैं।यह परिवार रेल के डिब्बे की तरह है।मृत्यु के उपरांत यह शरीर मिट्टी हो जाता है।उस समय तेरा कोई परिवार का सदस्य साथी नहीं होगा।