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#🗣कबीर अमृतवाणी📢 #कबीर दोहे #🖋️ कबीर दास जी के दोहे #कबीर के दोहे #कबीर अमृतवाणी🥀🍀
🗣कबीर अमृतवाणी📢 - सत सत कबीर कबीर सोलह संख के आगे होई॰   समरथ कर दरबारा | बैठे सेत सिघासन आसन जहां शब्द झंकारा ।। क्षर अक्षर दोनौं से नियारा, सोई IH EHRT / सारशब्द को लेइ के आये मृत्यु लोक मंझारा ।l पुरुष रूप महिमा कहां बरनौं  तिन गति अपरंपारा  कोटि भानु की शोभा जिनके,  एक एक रोम उजारा Il सत सत कबीर कबीर सोलह संख के आगे होई॰   समरथ कर दरबारा | बैठे सेत सिघासन आसन जहां शब्द झंकारा ।। क्षर अक्षर दोनौं से नियारा, सोई IH EHRT / सारशब्द को लेइ के आये मृत्यु लोक मंझारा ।l पुरुष रूप महिमा कहां बरनौं  तिन गति अपरंपारा  कोटि भानु की शोभा जिनके,  एक एक रोम उजारा Il - ShareChat