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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - कलयुग की दुनिया है " साहब" क़दर उसकी नहीं होती जो सच में रिश्ते निभाता है कदर उसकी होती है जो सबसे ज्यादा दिखाबा करता है !! कलयुग की दुनिया है " साहब" क़दर उसकी नहीं होती जो सच में रिश्ते निभाता है कदर उसकी होती है जो सबसे ज्यादा दिखाबा करता है !! - ShareChat