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#❤️अस्सलामु अलैकुम #ya ali
❤️अस्सलामु अलैकुम - 10 36&#! का वो दिन अजीब कयामत का था. 10 मुहर्रम (A.S) ने अपने सामने इमाम हसन (A.S) के हुसैन इमाम यतीम बच्चों को खाक पर तरपते देखा. . फिर 6 महीने के मासूम अली असगर को पानी के बदले तीर मारा गया, मगर वो मासूम बाप की अल्लाह में मुस्कुरा कर कुर्बान हो गया. (A.S) ने अपने पूरे घराने के और आखिर में, इमाम हुसैन लाशे उठाने के बाद, असर के वक़्त अल्लाह के हुज़ूर वो तारीखी सजदा किया जिसने दीन-ए ्मुहम्मदी को कयामत लिए बचा लिया. तक के उन्हें ने सर काट दिया, मगर बातिल  के आगे भी सर न झुकाया. 10 36&#! का वो दिन अजीब कयामत का था. 10 मुहर्रम (A.S) ने अपने सामने इमाम हसन (A.S) के हुसैन इमाम यतीम बच्चों को खाक पर तरपते देखा. . फिर 6 महीने के मासूम अली असगर को पानी के बदले तीर मारा गया, मगर वो मासूम बाप की अल्लाह में मुस्कुरा कर कुर्बान हो गया. (A.S) ने अपने पूरे घराने के और आखिर में, इमाम हुसैन लाशे उठाने के बाद, असर के वक़्त अल्लाह के हुज़ूर वो तारीखी सजदा किया जिसने दीन-ए ्मुहम्मदी को कयामत लिए बचा लिया. तक के उन्हें ने सर काट दिया, मगर बातिल  के आगे भी सर न झुकाया. - ShareChat