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#जय भीम नमो बुद्धाय
जय भीम नमो बुद्धाय - जागा हुआ व्यक्ति 311 వాగ अपने मन को देख लेता है, वह धीरे ्धीरे जागने लगता है। फिर वह हर इच्छा के पीछे नहीं भागता, हर क्रोध में नहीं बहता। वह जान जाता है- हर भावना क्षणिक है। यही जागरूकता उसे भीतर से स्थिर करती है। और यही स्थिरता उसे संसार में रहते हुए भी बंधन से मुक्त करने लगती है। ~नमो बुद्धाय Chandra 71 जागा हुआ व्यक्ति 311 వాగ अपने मन को देख लेता है, वह धीरे ्धीरे जागने लगता है। फिर वह हर इच्छा के पीछे नहीं भागता, हर क्रोध में नहीं बहता। वह जान जाता है- हर भावना क्षणिक है। यही जागरूकता उसे भीतर से स्थिर करती है। और यही स्थिरता उसे संसार में रहते हुए भी बंधन से मुक्त करने लगती है। ~नमो बुद्धाय Chandra 71 - ShareChat