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#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - हरि शरणं (> श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु ಟ9 बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं এনন-ক্তমাৎ बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार के चरण-कमलों की धूल से अपने मन रूपी अपने गुरुदेव दर्पण को सा़फ और पवित्र करके, मैं श्री रघुनाथ जी के उस निर्मल यश का वर्णन करता हूँ, जो जीवन के चारों फल धर्म, काम और मोक्षको देने वाला है, हे पवन॰कुमार हनुमान 312f, जी मैं स्वयं को बुद्धिहीन और निर्बल जानकर आपका स्मरण कर रहा हूँ, आप मुझे शारीरिक और मानसिक बल॰ सद्बुद्धि और ज्ञान प्रदान करें और मेरे जीवन के सभी कष्टों तथा को दूर कर दीजिए সানসিব্ধ মীণী যা बुराइयों हरि शरणं (> श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु ಟ9 बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं এনন-ক্তমাৎ बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार के चरण-कमलों की धूल से अपने मन रूपी अपने गुरुदेव दर्पण को सा़फ और पवित्र करके, मैं श्री रघुनाथ जी के उस निर्मल यश का वर्णन करता हूँ, जो जीवन के चारों फल धर्म, काम और मोक्षको देने वाला है, हे पवन॰कुमार हनुमान 312f, जी मैं स्वयं को बुद्धिहीन और निर्बल जानकर आपका स्मरण कर रहा हूँ, आप मुझे शारीरिक और मानसिक बल॰ सद्बुद्धि और ज्ञान प्रदान करें और मेरे जीवन के सभी कष्टों तथा को दूर कर दीजिए সানসিব্ধ মীণী যা बुराइयों - ShareChat