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#👉 लोगों के लिए सीख👈 #✍️ जीवन में बदलाव #🙏 प्रेरणादायक विचार #👌 अच्छी सोच👍 #☝आज का ज्ञान
👉 लोगों के लिए सीख👈 - স্ান কা ওম !! !! फसुई" जब अकेली चलती है, तो उसका "कर्म" सिर्फ "चुभना " होता है, লকিন, जैसे ही उसे "धागे " का साथ मिलता है, उसका "कर्म" फटे हुए को जोड़ना हो जाता है। यही हौता है "रसंगत " का असर, संगत से " स्वभाव" तौ नहीं बदलता , "कर्म" जरूर बदल जाते है। স্ান কা ওম !! !! फसुई" जब अकेली चलती है, तो उसका "कर्म" सिर्फ "चुभना " होता है, লকিন, जैसे ही उसे "धागे " का साथ मिलता है, उसका "कर्म" फटे हुए को जोड़ना हो जाता है। यही हौता है "रसंगत " का असर, संगत से " स्वभाव" तौ नहीं बदलता , "कर्म" जरूर बदल जाते है। - ShareChat