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#🙏🏻गुरबानी
🙏🏻गुरबानी - जीवात्मा ना कहीं से आता है ना जाता है वह सर्वव्यापक सदा किए स्थिर चेतन सत्ता का अंश है।लोग कहते हैं जीवात्मा हुए कर्मो की बंधी हुई है पर दरअसल बात यह है कि कर्मो को भी पहले चेतन सत्ता के बिना किसने वजूद मे लाना था।नाम सिमरन करने से ही समझ आती है कि जो कुछ जगत मे हो रहा है उस प्रभू की रजा मे ही हो रहा है। [ 00 करमबध तृम जीउ कहत 41 हौ।करमहि किनि जीउ रे।(अंग8७0 ,sggs, भगत कबीर जी) ఖ जीवात्मा ना कहीं से आता है ना जाता है वह सर्वव्यापक सदा किए स्थिर चेतन सत्ता का अंश है।लोग कहते हैं जीवात्मा हुए कर्मो की बंधी हुई है पर दरअसल बात यह है कि कर्मो को भी पहले चेतन सत्ता के बिना किसने वजूद मे लाना था।नाम सिमरन करने से ही समझ आती है कि जो कुछ जगत मे हो रहा है उस प्रभू की रजा मे ही हो रहा है। [ 00 करमबध तृम जीउ कहत 41 हौ।करमहि किनि जीउ रे।(अंग8७0 ,sggs, भगत कबीर जी) ఖ - ShareChat