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##मेरी जिंदगी कि हकीकत
#मेरी जिंदगी कि हकीकत - हे वासुदेव! जो लोग  दूसरों का बुरा करते हैं, वे अक्सर Ruls " सुखी [ देते हैं। ऐसा क्यों? 77 श्री कृष्ण ने समझायाः अर्जुन, यह उनका भ्रम है। जब तक उनके पिछले अच्छे कर्मों का खाता बचा है, वे सुखी दिखेंगे। लेकिन जिस दिन उनके ஈ, उन्हें अपने புப 45 रहर एक कर्म का हिसाब चुकाना पड़ेगा। कर्म कभी किसी का कर्ज नहीं रखता। 77 हे वासुदेव! जो लोग  दूसरों का बुरा करते हैं, वे अक्सर Ruls सुखी [ देते हैं। ऐसा क्यों? 77 श्री कृष्ण ने समझायाः अर्जुन, यह उनका भ्रम है। जब तक उनके पिछले अच्छे कर्मों का खाता बचा है, वे सुखी दिखेंगे। लेकिन जिस दिन उनके ஈ, उन्हें अपने புப 45 रहर एक कर्म का हिसाब चुकाना पड़ेगा। कर्म कभी किसी का कर्ज नहीं रखता। 77 - ShareChat