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#✨उर्दू शायरी मशहूर शायर बशीर बद्र साहब अलविदा 🙏✍️🕯️💐💐💔
✨उर्दू शायरी - TLESNOW नवभारत 1 {( उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए अलविदा बशीर बद्र साहब दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे , जब कभी हम दोस्त हा जाएँ तो शर्मिंदा न हों TLESNOW नवभारत 1 {( उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए अलविदा बशीर बद्र साहब दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे , जब कभी हम दोस्त हा जाएँ तो शर्मिंदा न हों - ShareChat