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*અજ્ઞાનીઓ સાથે કઈ રીતે વર્તન કરવું તે પણ આપણને ઇસ્લામ ,કુર આન શીખવે છે. અલ્લાહ મને અને આ પણ સૌને અમલની તોફીક આપે.આમિન.* ૨૮/૪/૨૬ #*આપણે વિચારીશું ખરા?* #*let us understand our religion #islam guide us in every field of life #points to ponder #सोचने वाली बात
*આપણે વિચારીશું ખરા?* - *सच्चे ईमान वालों का चरित्रः धैर्य, क्षमा और विनम्रता* 28/4/26 (१) Qur'an*सूरा अल-अराफ़ (7:199)* ४क्षमा को अपनाओ, भलाई का हुक्म दो और अज्ञानियों से किनारा कर लो।"*  *भावार्थः* यह आयत हमें सिखाती * है कि की गलतियों को माफ दूसरों करना, समाज में अच्छाई को बढ़ावा देना और मूर्खतापूर्ण तर्कों में फंसने के बजाय शांति से पीछे हट जाना ही श्रेष्ठ मार्ग है। Quran*सूरा अल-्फुरकान (2) (25.63)*| ४और रहमान (परम कृपालु) के सच्चे बंदे वे हैं जो धरती पर विनम्रता के साथ चलते हैं, और जब अज्ञानी उनसे (कठोरता से) बात करते हैं, तो वे कहते हैंः सलाम' (शांति) [ * *सच्चे ईमान वालों का चरित्रः धैर्य, क्षमा और विनम्रता* 28/4/26 (१) Qur'an*सूरा अल-अराफ़ (7:199)* ४क्षमा को अपनाओ, भलाई का हुक्म दो और अज्ञानियों से किनारा कर लो।"*  *भावार्थः* यह आयत हमें सिखाती * है कि की गलतियों को माफ दूसरों करना, समाज में अच्छाई को बढ़ावा देना और मूर्खतापूर्ण तर्कों में फंसने के बजाय शांति से पीछे हट जाना ही श्रेष्ठ मार्ग है। Quran*सूरा अल-्फुरकान (2) (25.63)*| ४और रहमान (परम कृपालु) के सच्चे बंदे वे हैं जो धरती पर विनम्रता के साथ चलते हैं, और जब अज्ञानी उनसे (कठोरता से) बात करते हैं, तो वे कहते हैंः सलाम' (शांति) [ * - ShareChat