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#एकादशी, एकादशी को चावल नहीं खाने का क्या कारण है?
एकादशी - एकादशी को चावल क्यों नहीं खाया जाता है? १ पौराणिक कथा और धार्मिक मान्यताः पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महर्षि  ন সানা সথা : शक्ति के क्रोध से बचने के लिए अपने शरीर का त्याग कर दिया  पृथ्वी में समा गया और उसी से चावल व था॰ उनका अश कहा जाता है कि जिस दिन महर्षि मेधा  जौ की उत्पत्ति हुई॰ - पृथ्वी में समाया था, उस दिन एकादशी तिथि थी॰  का अंश इसलिए चावल को साक्षात् जीव का अंश माना जाता है और एकादशी के दिन इसे खाना वर्जित Toulube ' Puya Arars २. पापों का वासः अन्य पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब एकादशी माता का  प्राकट्य हुआ, तो सभी पापों ने भयभीत होकर भगवान  विष्णु  ٢٣] अपनी रक्षा की प्रार्थना की॰  ने पापों को भगवान एकादशी के दिन चावल (और अन्य अन्न) में छिपने का दिया था॰   इसीलिए मान्यता है कि एकादशी पर cRGh चाचल खाने से पाप व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाते Pulya YouTube | Oa एकादशी को चावल क्यों नहीं खाया जाता है? १ पौराणिक कथा और धार्मिक मान्यताः पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महर्षि  ন সানা সথা : शक्ति के क्रोध से बचने के लिए अपने शरीर का त्याग कर दिया  पृथ्वी में समा गया और उसी से चावल व था॰ उनका अश कहा जाता है कि जिस दिन महर्षि मेधा  जौ की उत्पत्ति हुई॰ - पृथ्वी में समाया था, उस दिन एकादशी तिथि थी॰  का अंश इसलिए चावल को साक्षात् जीव का अंश माना जाता है और एकादशी के दिन इसे खाना वर्जित Toulube ' Puya Arars २. पापों का वासः अन्य पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब एकादशी माता का  प्राकट्य हुआ, तो सभी पापों ने भयभीत होकर भगवान  विष्णु  ٢٣] अपनी रक्षा की प्रार्थना की॰  ने पापों को भगवान एकादशी के दिन चावल (और अन्य अन्न) में छिपने का दिया था॰   इसीलिए मान्यता है कि एकादशी पर cRGh चाचल खाने से पाप व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाते Pulya YouTube | Oa - ShareChat