ShareChat
click to see wallet page
search
#✒️ કવિની કલમ
✒️ કવિની કલમ - प्यार कर के बीच रास्ते में छोड़ दिया, कातिल थी सनम उसी ने मुझे मार दिया हाथों में हाथ लेकर जिसने वादे किए  , उसी हसीन ख्वाबों ने आखिर उजाड़ दिया मैं तो समझता रहा वफ़ा की दुनिया होगी, उसकी एक नज़र ने ही मुझे बेकार दिया  जिसने कहा था तू मेरा सदा साथ रहेगा, उसी वादे ने आज मुझे बेज़ार दिया दिल, रास्ते भी पूछते हैं अब कहाँ गया वो दीवाना  जिसने खुद को ही अपनी पहचान से हार दिया मैं आज भी उसी शहर में भटकता हूँ अकेला, जहाँ प्यार के नाम पर मुझे बस आघात दिया प्रकाश पंडित प्यार कर के बीच रास्ते में छोड़ दिया, कातिल थी सनम उसी ने मुझे मार दिया हाथों में हाथ लेकर जिसने वादे किए  , उसी हसीन ख्वाबों ने आखिर उजाड़ दिया मैं तो समझता रहा वफ़ा की दुनिया होगी, उसकी एक नज़र ने ही मुझे बेकार दिया  जिसने कहा था तू मेरा सदा साथ रहेगा, उसी वादे ने आज मुझे बेज़ार दिया दिल, रास्ते भी पूछते हैं अब कहाँ गया वो दीवाना  जिसने खुद को ही अपनी पहचान से हार दिया मैं आज भी उसी शहर में भटकता हूँ अकेला, जहाँ प्यार के नाम पर मुझे बस आघात दिया प्रकाश पंडित - ShareChat