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* *हमेशा रहने वाला सुकून* सुकून तो बस ज़िक्र ए इलाही मैं है उसे लोगों में तलाश मत करो *असल सुकून* दिल का चैन और असली खुशी सिर्फ़ अल्लाह के ज़िक्र में ही मिलती है। जब इंसान अपने रब को याद करता है, उसका दिल हल्का हो जाता है, परेशानियाँ कम लगने लगती हैं और अंदर से एक अजीब सी खुशी महसूस होती है। *लेकिन हम* अक्सर येह ग़लती करते हैं कि इस सुकून को लोगों, रिश्तों या दुनिया की चीज़ों में ढूंढने लगते हैं। जबकि लोग बदल जाते हैं, हालात बदल जाते हैं, इसलिए उनसे मिलने वाला सुकून भी हमेशा कायम नहीं रहता। *येह पैग़ाम हमें* समझाता है कि अगर सच्चा और हमेशा रहने वाला सुकून चाहिए, तो उसे सिर्फ़ अल्लाह के ज़िक्र में तलाश करो, न कि लोगों में। #❤️अस्सलामु अलैकुम #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲 इबादत