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#🕌मस्जिद 🤲 #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲 दुआएं #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🤲अल्लाह हु अक़बर
🕌मस्जिद 🤲 - सूरह अन-निसा (४:४8) "निःसंदेह अल्लाह इस बात को क्षमा नहीं करता कि उसके साथ किसी को साझी ठहराया जाए (शिर्क किया जाए), और इसके अलावा जिसे चाहे क्षमा कर देता है। और जिसने अल्लाह के साथ किसी को साझी ठहराया, उसने बहुत बड़ा पाप गढ़ लिया। " सूरह अन-निसा (४:1१६) "निःसंदेह अल्लाह इस बात को क्षमा नहीं करता कि उसके साथ किसी को साझी ठहराया जाए, और इसके अलावा जिसे चाहे क्षमा कर देता है। और जिसने अल्लाह के साथ किसी साझी ठहराया, वह बहुत दूर की गुमराही में जा पड़ा।' सूरह अन-निसा (४:४8) "निःसंदेह अल्लाह इस बात को क्षमा नहीं करता कि उसके साथ किसी को साझी ठहराया जाए (शिर्क किया जाए), और इसके अलावा जिसे चाहे क्षमा कर देता है। और जिसने अल्लाह के साथ किसी को साझी ठहराया, उसने बहुत बड़ा पाप गढ़ लिया। " सूरह अन-निसा (४:1१६) "निःसंदेह अल्लाह इस बात को क्षमा नहीं करता कि उसके साथ किसी को साझी ठहराया जाए, और इसके अलावा जिसे चाहे क्षमा कर देता है। और जिसने अल्लाह के साथ किसी साझी ठहराया, वह बहुत दूर की गुमराही में जा पड़ा।' - ShareChat