ShareChat
click to see wallet page
search
#कबीर वाणी #अमृत वाणी सत्य वचन #🌞 Good Morning🌞 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💝 शायराना इश्क़ #🙏🏻गुरबानी
कबीर वाणी #अमृत वाणी सत्य वचन - संत रामपाल जी महाराज की १० प्रसिद्ध अमृतवाणियाँ 3থ যভিন संत रामपाल जी महाराज की अमृतवाणियों मानव जीवन  सही दिशा देने वाली अमूल्य शिक्षाऐं हैं।  सेवक होकर उतरे अर्थ  होते हैं, जो पृथ्वी पर  के माही, पृथ्वी 5 सच्चे संत ईश्वर के सेवक  जीव उधारन जगत गुरु, आकर जीवों को भक्ति व ज्ञान का मार्ग बताकर उनका कल्याण करते हैं। आए संत सिपाही।  अर्थ 2 सिद्ध तारे पिंड आपना , कर पाते हैं साधारण सिद्ध पुरुव  কবল  अपना कल्याण जबकि पूर्ण संत अनेक लोगों का मार्गदर्शन करके साधू तारे खंड | [9' संपूर्ण समाज व करते हैं। का कल्याण সথ  3 दुर्लभ है, मानव जन्म यह मनुष्य जीवन बड़ी मुश्किल से मिलता है। मिले न बारम्बार। इसका उपयोग भक्ति, ज्ञान और अच्छे कर्मों में करना चाहिए। 3থ : 4 सतगुरु बिना न ज्ञान है, सतगुरु से ही प्राप्त होता है, सही आध्यात्मिक ज्ञान  ज्ञान बिना नहीं मोक्ष। और उसी ज्ञान से मोक्ष संभव है। अर्थ 5 बिना नहीं छूटे, नाम केवल बाहरी कर्मकांडों से नही, बल्कि सच्चे नाम कर्मो का जंजाल | (भक्ति ) से ही पाप कर्मो के बंधन समाप्त होते हैं। সথ  নথাা নাথা কা মুল ই, तंबाकू  और अन्य नशे व्यक्ति॰ परिवार और शराब त्यागो इसका साथ।  करते हैं | इनसे दूर रहना चाहिए।  समाज को बर्बाद 3থ : धर्म का मूल है, I और विनम्रता धर्म की जड़ हैं, जबकि दया, करूणा पाप मूल अभिमान। पापों की जड़ है। अहंकार सभी সথ : 8 सतभक्ति से सुख मिले, सच्ची भक्ति करने से मन को शांति मिलती है और मिटे जन्म का रोग। जन्म- मरण के बंधनों से मुक्ति का मार्ग मिलता है। সথ : 9 जाति-पाति का भेद छोड़़, सभी मनुष्य " की संतान हैं। जाति-पाति एक परमात्मा सबमें एक भगवान। भेदभाव छोड़कर भाईचारा और प्रेम बढ़ाना चाहिए।  अर्थ 10 जीवन, उच्च विचार, सादा जीवन और श्रेष्ठ विचार ही सच्चे संत का सरल यही संत का ज्ञान। संदेश है। इससे व्यक्ति और समाज दोनों का होता है। ঐমখ]U] अमृतवाणियों को अपने जीवन में उतारें और सुखी, शांतिपूर्ण  इन एवं सफल जीवन की ओर बढ़ें । संत रामपाल जी महाराज की १० प्रसिद्ध अमृतवाणियाँ 3থ যভিন संत रामपाल जी महाराज की अमृतवाणियों मानव जीवन  सही दिशा देने वाली अमूल्य शिक्षाऐं हैं।  सेवक होकर उतरे अर्थ  होते हैं, जो पृथ्वी पर  के माही, पृथ्वी 5 सच्चे संत ईश्वर के सेवक  जीव उधारन जगत गुरु, आकर जीवों को भक्ति व ज्ञान का मार्ग बताकर उनका कल्याण करते हैं। आए संत सिपाही।  अर्थ 2 सिद्ध तारे पिंड आपना , कर पाते हैं साधारण सिद्ध पुरुव  কবল  अपना कल्याण जबकि पूर्ण संत अनेक लोगों का मार्गदर्शन करके साधू तारे खंड | [9' संपूर्ण समाज व करते हैं। का कल्याण সথ  3 दुर्लभ है, मानव जन्म यह मनुष्य जीवन बड़ी मुश्किल से मिलता है। मिले न बारम्बार। इसका उपयोग भक्ति, ज्ञान और अच्छे कर्मों में करना चाहिए। 3থ : 4 सतगुरु बिना न ज्ञान है, सतगुरु से ही प्राप्त होता है, सही आध्यात्मिक ज्ञान  ज्ञान बिना नहीं मोक्ष। और उसी ज्ञान से मोक्ष संभव है। अर्थ 5 बिना नहीं छूटे, नाम केवल बाहरी कर्मकांडों से नही, बल्कि सच्चे नाम कर्मो का जंजाल | (भक्ति ) से ही पाप कर्मो के बंधन समाप्त होते हैं। সথ  নথাা নাথা কা মুল ই, तंबाकू  और अन्य नशे व्यक्ति॰ परिवार और शराब त्यागो इसका साथ।  करते हैं | इनसे दूर रहना चाहिए।  समाज को बर्बाद 3থ : धर्म का मूल है, I और विनम्रता धर्म की जड़ हैं, जबकि दया, करूणा पाप मूल अभिमान। पापों की जड़ है। अहंकार सभी সথ : 8 सतभक्ति से सुख मिले, सच्ची भक्ति करने से मन को शांति मिलती है और मिटे जन्म का रोग। जन्म- मरण के बंधनों से मुक्ति का मार्ग मिलता है। সথ : 9 जाति-पाति का भेद छोड़़, सभी मनुष्य " की संतान हैं। जाति-पाति एक परमात्मा सबमें एक भगवान। भेदभाव छोड़कर भाईचारा और प्रेम बढ़ाना चाहिए।  अर्थ 10 जीवन, उच्च विचार, सादा जीवन और श्रेष्ठ विचार ही सच्चे संत का सरल यही संत का ज्ञान। संदेश है। इससे व्यक्ति और समाज दोनों का होता है। ঐমখ]U] अमृतवाणियों को अपने जीवन में उतारें और सुखी, शांतिपूर्ण  इन एवं सफल जीवन की ओर बढ़ें । - ShareChat