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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #😃 शानदार स्टेटस #🌠ओशो☘️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ८८ ओशो के अनुसार  अहकार क्या है? अहंकार कोई वास्तविक सत्ता नहीं है यह एक झूठी पहचान है जिसे हम वास्तविक स्वरूप मान लेते हैं। अपना अहंकार का जन्म तब होता है जब हम किसी नाम, रूप, पद, धन, ज्ञान या उपलब्धि को ' मैं' मान लेते है। यह तुलना, प्रतिस्पर्धा, भय और दुख को जन्म देता है और हमें दूसरों से अलग कर देता है। अहंकार से लड़़ना नहीं है, उसे देखना है। ক সক্কাথা ম जागरूकता अहंकार स्वतः विलीन हो जाता है। जिस दिन प्रशंसा औंर निंदा दोनों आपको समान लगने लगें , उस दिन अहंकार समाप्त हो जाएगा। ११ ओशो ८८ ओशो के अनुसार  अहकार क्या है? अहंकार कोई वास्तविक सत्ता नहीं है यह एक झूठी पहचान है जिसे हम वास्तविक स्वरूप मान लेते हैं। अपना अहंकार का जन्म तब होता है जब हम किसी नाम, रूप, पद, धन, ज्ञान या उपलब्धि को ' मैं' मान लेते है। यह तुलना, प्रतिस्पर्धा, भय और दुख को जन्म देता है और हमें दूसरों से अलग कर देता है। अहंकार से लड़़ना नहीं है, उसे देखना है। ক সক্কাথা ম जागरूकता अहंकार स्वतः विलीन हो जाता है। जिस दिन प्रशंसा औंर निंदा दोनों आपको समान लगने लगें , उस दिन अहंकार समाप्त हो जाएगा। ११ ओशो - ShareChat