@_💞अnamika_सah_📚🖋💞
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💞तिश्नगी कह़र बरपाती रही.. मुड़कर मगर साहिल नहीं देखा मैंने.. ग़ैर का ज़ुर्म उठाती रही.. मेरे जैसा ज़हिल नहीं देखा मैंने 💞.. ##💞 अनामिका की डायरी📚 🖋💞 #✍ कविता 📓 #💌शब्द से शायरी-मोहब्बत #💌शायरी के डायरी📚 #✒ शायरी
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