INSTALL
लोकप्रिय
🪷अnamika सah🪷
619 लोग देखलें
•
4 दिन पहिले
💞तिश्नगी कह़र बरपाती रही.. मुड़कर मगर साहिल नहीं देखा मैंने.. ग़ैर का ज़ुर्म उठाती रही.. मेरे जैसा ज़हिल नहीं देखा मैंने 💞..
##💞 अनामिका की डायरी📚 🖋💞
#✍ कविता 📓
#💌शब्द से शायरी-मोहब्बत
#💌शायरी के डायरी📚
#✒ शायरी
00:43
13
कमेंट
Your browser does not support JavaScript!