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#🎶जय श्री राम🚩
🎶जय श्री राम🚩 - मैला, तन ऊजरा , बगुला कपटी अंग। मन तासों तो कौआ भला, तन-्मन एक ही रंग Il कबीर जी कहते है बगुले का शरीर उज्ज्वल (सफेद) होता है | मगर वह चालाक और कपटी होता है। उससे अच्छा तो कौआ ही है जो बाहर और भीतर से एक जैसा तो है। भावार्थ :- जो इंसान बाहर से सुंदर और सुशील नजर आता हो मगर भीतर छल कपट भरा पड़ा हो वो सबसे खतरनाक होता है। उससे अच्छा तो वह इंसान है जो बुरे होने का दिखावा नहीं करता। जैसा होता है वो बाहर से दिख जाता है। ta Shraa malhalal मैला, तन ऊजरा , बगुला कपटी अंग। मन तासों तो कौआ भला, तन-्मन एक ही रंग Il कबीर जी कहते है बगुले का शरीर उज्ज्वल (सफेद) होता है | मगर वह चालाक और कपटी होता है। उससे अच्छा तो कौआ ही है जो बाहर और भीतर से एक जैसा तो है। भावार्थ :- जो इंसान बाहर से सुंदर और सुशील नजर आता हो मगर भीतर छल कपट भरा पड़ा हो वो सबसे खतरनाक होता है। उससे अच्छा तो वह इंसान है जो बुरे होने का दिखावा नहीं करता। जैसा होता है वो बाहर से दिख जाता है। ta Shraa malhalal - ShareChat