ShareChat
click to see wallet page
search
#🤲अल्लाह हु अक़बर
🤲अल्लाह हु अक़बर - Allahu Akbar एक आदमी ने अर्ज़ कियाः के रसूल  ! मैं सफ़र पर निकलने का इरादा कर रहा हूँ, अल्लाह मुझे कुछ वसीयत फ़रमा दीजिए। आप प्यारे नबी ए करीम Ne Farmaya मैं तुम्हे अल्लाह का तक़वा इख़्तियार करने की वसीयत करता हूँ और नसीहत करता हूँ कि जहाँ कहों भी ऊँचाई व बुलंदी पर चढ़ो अल्लाह की तकबीर पढ़ो ( अल्लाहु अकबर कहते रहो) | फिर जब आदमी पलट कर सफ़र पर निकला तो आप ने फ़रमायाः رفسلا هيلع نوهو ضرألا هل وطا مهللا ऐ अल्लाह! उसके लिए मसाफ़त की दूरी को लपेट कर मुख़्तसर कर दे और उसके लिए सफ़र को आसान बना दे। ' JAII AT TIRIIIDHI 3445 Allahu Akbar एक आदमी ने अर्ज़ कियाः के रसूल  ! मैं सफ़र पर निकलने का इरादा कर रहा हूँ, अल्लाह मुझे कुछ वसीयत फ़रमा दीजिए। आप प्यारे नबी ए करीम Ne Farmaya मैं तुम्हे अल्लाह का तक़वा इख़्तियार करने की वसीयत करता हूँ और नसीहत करता हूँ कि जहाँ कहों भी ऊँचाई व बुलंदी पर चढ़ो अल्लाह की तकबीर पढ़ो ( अल्लाहु अकबर कहते रहो) | फिर जब आदमी पलट कर सफ़र पर निकला तो आप ने फ़रमायाः رفسلا هيلع نوهو ضرألا هل وطا مهللا ऐ अल्लाह! उसके लिए मसाफ़त की दूरी को लपेट कर मुख़्तसर कर दे और उसके लिए सफ़र को आसान बना दे। ' JAII AT TIRIIIDHI 3445 - ShareChat