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#GodNightTuesday #रोटीकपड़ा_चिकित्सा_शिक्षामकान . नकली धर्मगुरुओ से लाभ नही। पवित्र वेदों व गीता जी आदि पवित्र सदग्रंथों में प्रमाण मिलता है कि जब-जब धर्म की हानि होती है व अधर्म की वृद्धि होती है तब परमेश्वर स्वयं आकर या अपने परम संत यानी सच्चे सतगुरु को भेजकर सत्य ज्ञान के द्वारा धर्म की पुनर्स्थापना करता है। श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 15 श्लोक 1 - 4, 16, 17 में कहा गया है जो संत इस संसार रूपी उल्टे लटके हुए वृक्ष के सभी विभाग बता देगा वह पूर्ण गुरु/सच्चा सद्गुरु है। यजुर्वेद अध्याय 19 मन्त्र 25 के अनुसार तत्वदर्शी संत वह होता है जो वेदों के सांकेतिक शब्दों को पूर्ण विस्तार से वर्णन करता है जिससे पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति होती है। सच्चा सतगुरु वही है जो भक्त समाज को शास्त्र अनूकूल भक्ति साधना बताए। नकली संत कहते हैं कि सद्भक्ति से पापकर्म नहीं कटते, भोगने ही पड़ेंगे। जबकि सच्चे गुरु संत रामपाल जी महाराज सभी शास्त्रों से प्रमाणित करके बताते हैं कि सद्भक्ति से पापकर्म कटते हैं और कैंसर क्या कैंसर का बाप भी ठीक होता है। आज तक किसी भी संत ने यह नहीं बताया कि श्रीमद्भगवत गीता जी का ज्ञान काल/ब्रह्म ने श्रीकृष्ण जी के शरीर में प्रवेश करके बोला था। इन नकली धर्मगुरूऔ को हमारे सदग्रंथो का ज्ञान नही है अपनी मनमानी साधना करवा रहै है। जिससे हमे कोई लाभ नही है। परमात्मा कबीर साहिब जी कहते है कि कबीर, फूली फाली गाडरी,ओढ़ी सिंह की खाल। साँचा सिंह जे आन मिलै, गाडर कौन हवाल।। गाडर अथार्त भेड है। परमात्मा बन्दी छोड़ कबीर साहब कहते हैं कि एक मोटी भेड को कहीं से शेर की खाल मिल गई और उसने शेर की खाल ओढ़ ली। उस खाल को पहन कर वह खुद को शेर समझ बैठी और अहंकार से फूल गई कि मैं शेर हूँ। अहंकार और मंद बुद्धि होने के कारण वो ये भूल गयी कि जब सचमुच का शेर सामने आएगा तो उसकी क्या दुर्गति कर देगा, फिर किस का वास्ता दे कर जान छुड़ायेगी। यही हाल आज के नकली गुरुओं और मनमुखी मन्त्रों की साधना करने वाले लोगों का है। जब काल से वास्ता पड़ना है फिर कौन से मनमुखी मन्त्रों से अपना पिण्ड छुड़ाएंगे, ये नकली। धन और मान में अंधे हो चुके इन सबकी मति काम नहीं कर रही। सच को आंखों देख कर भी स्वीकार करने को राजी नहीं है । AnnapurnaMuhim SantRampalJi #sant ram pal ji maharaj #me follow
sant ram pal ji maharaj - गीताचालाउन्चान्ढकार्ससररञ्पीपीपलका पेड़ पुरुष पूर्ण बरह्म कबीर  परम अक्षर समझिए अगर গট ಈ फल(सुख प्राप्त करा ह तो सिचाई (पूजा ) जडकी #Fa r 5  சர்சப்ப 4 15   எகு 16,17 तीन पुरुष, १२०कर गीता अध्याय १८ Gr को 238r &|562755 3i  CISIIClF अर्जुन तू पख अविदाशी ٤i٢٢٧ sinunಹ परमेश्वर Lr r लिफ  adrca Fl a पूर्ण परमेश्वर की तताबहअक्षरपुलष शरण पेजा। ढालनिनशरपुरप अथ्याय 7 श्लोक १२ से अध्याय १७ श्लाक तीनो १५में काहा है 23 #(3 rr Hr) ~~UUI(EIWI) मुक्ति मंत्र केबारेरगें J గేగొంరాశీడిశగా तमपूरणशिव , बताया हैजो सिर्फ सतपरुण(विष्णु को ஸ तत्व दशी संत ही वाले सवछस स्वभाव को जनता है  किए sష TC यारण मेनीच दूवित किर्म करने ar, ೫ 36 ೫ 3f पूजा नहीं करते। हिरण्य कश्यप भक्त प्रहलाद और रावणको सभी जानते हये तीनों  के सबसे बढड़े भिक्तथे। णुणों | (గగ अधिक जानकारी के लिए देखिए साधना W चनल शाम ७४३०से 8 ३०बजे तक गीताचालाउन्चान्ढकार्ससररञ्पीपीपलका पेड़ पुरुष पूर्ण बरह्म कबीर  परम अक्षर समझिए अगर গট ಈ फल(सुख प्राप्त करा ह तो सिचाई (पूजा ) जडकी #Fa r 5  சர்சப்ப 4 15   எகு 16,17 तीन पुरुष, १२०कर गीता अध्याय १८ Gr को 238r &|562755 3i  CISIIClF अर्जुन तू पख अविदाशी ٤i٢٢٧ sinunಹ परमेश्वर Lr r लिफ  adrca Fl a पूर्ण परमेश्वर की तताबहअक्षरपुलष शरण पेजा। ढालनिनशरपुरप अथ्याय 7 श्लोक १२ से अध्याय १७ श्लाक तीनो १५में काहा है 23 #(3 rr Hr) ~~UUI(EIWI) मुक्ति मंत्र केबारेरगें J గేగొంరాశీడిశగా तमपूरणशिव , बताया हैजो सिर्फ सतपरुण(विष्णु को ஸ तत्व दशी संत ही वाले सवछस स्वभाव को जनता है  किए sష TC यारण मेनीच दूवित किर्म करने ar, ೫ 36 ೫ 3f पूजा नहीं करते। हिरण्य कश्यप भक्त प्रहलाद और रावणको सभी जानते हये तीनों  के सबसे बढड़े भिक्तथे। णुणों | (గగ अधिक जानकारी के लिए देखिए साधना W चनल शाम ७४३०से 8 ३०बजे तक - ShareChat