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#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना' - इस सफेद झूठ क्या ठिकाना है, का লয नहीं   सिखलाता मजहब अगर तो चोटी-्दाढ़ी की लडाई में हजार बरस से आज तक हमारा मुल्क पामाल ( बर्बाद ) क्यों है... ? राहुल सांकृत्यायन मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना' - इस सफेद झूठ क्या ठिकाना है, का লয नहीं   सिखलाता मजहब अगर तो चोटी-्दाढ़ी की लडाई में हजार बरस से आज तक हमारा मुल्क पामाल ( बर्बाद ) क्यों है... ? राहुल सांकृत्यायन - ShareChat