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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - লঘুব্ধথা आदमी रात को झोपड़ी में बैठकर एक छोटे से एक दीये को जलाकर कोई शास्त्र पढ़ रहा था | आधी रात बीत गई जब वह थक गया तो फूंक मार कर उसने दीया बुझा  दिया लेकिन वह यह देख कर हैरान हो गया कि जब तक दीया जल रहा था, पूर्णिमा का चांद बाहर खडा रहा | लेकिन जैसे ही दीया बुझ गया तो चांद की किरणें उस कमरे में फैल गई आदमी बहुत हैरान हुआ यह देख कर कि एक छोटे सेहदीएदेमड बनहुत हैचनदहुका बाहरेखककरररखक  इसी तरह हमने भी अपने जीवन में अहंकार के बहुत ೩೯' छोटे छोटे जला रखे हैं जिसके कारण परमात्मा का चांद बाहर ही खडा रह जाता है जबतक वाणी को विश्राम नहीं दोगे तबतक मन शांत 7 होगा | शांत होगा तभी ईश्वर की उपस्थिति महसूस होगी লঘুব্ধথা आदमी रात को झोपड़ी में बैठकर एक छोटे से एक दीये को जलाकर कोई शास्त्र पढ़ रहा था | आधी रात बीत गई जब वह थक गया तो फूंक मार कर उसने दीया बुझा  दिया लेकिन वह यह देख कर हैरान हो गया कि जब तक दीया जल रहा था, पूर्णिमा का चांद बाहर खडा रहा | लेकिन जैसे ही दीया बुझ गया तो चांद की किरणें उस कमरे में फैल गई आदमी बहुत हैरान हुआ यह देख कर कि एक छोटे सेहदीएदेमड बनहुत हैचनदहुका बाहरेखककरररखक  इसी तरह हमने भी अपने जीवन में अहंकार के बहुत ೩೯' छोटे छोटे जला रखे हैं जिसके कारण परमात्मा का चांद बाहर ही खडा रह जाता है जबतक वाणी को विश्राम नहीं दोगे तबतक मन शांत 7 होगा | शांत होगा तभी ईश्वर की उपस्थिति महसूस होगी - ShareChat