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📖 गीता अध्याय 1 | श्लोक 3-4 की जीवन बदलने वाली सीख 🙏💙 श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक 3 और 4 हमें बताते हैं कि किसी भी चुनौती का सामना करने से पहले उसकी पूरी जानकारी और सही आकलन करना कितना आवश्यक है। ✨ आज की अनमोल सीख: 🔹 स्थिति को समझकर ही निर्णय लें। 🔹 अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन अमूल्य होता है। 🔹 सही तैयारी और रणनीति सफलता की कुंजी है। 🔹 धैर्य, विवेक और सजगता जीवन में जीत दिलाते हैं। 🦚 भगवान श्रीकृष्ण का यह दिव्य संदेश हमें हर परिस्थिति में सही दिशा दिखाता है। 🙏 यदि आप भी गीता के ज्ञान को मानते हैं तो कमेंट में "राधे राधे" या "जय श्री कृष्ण" अवश्य लिखें। #जयश्रीकृष्ण #राधेराधे #गीता_ज्ञान #भगवद्गीता #❤️जीवन की सीख #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙌 Never Give Up #😎मोटिवेशनल गुरु🤘
❤️जीवन की सीख - श्रीमद्गवद्गीता अर्जुनविषादयोग अध्याय 1 : श्लोक 3 पश्यैतां पाण्डुपुत्राणामाचार्य महतीं चमूम् | द्वपदपुत्रेण तव शिष्येण धीमता || १.३ |I লুা ' भावार्थः हे आचार्य! देखिए पाण्डु पुत्रों की यह विशाल सेना, ही बुद्धिमान '  शिष्य दृपद पुत्र (धुष्ट्दयुम्न) ने जो आपके युद्ध के लिए सुसज्जित की हैं | श्लोक 4 अत्र शूरा महेखासा भीमार्जुनसमाः युूधि | विराटश्व द्रपदश्च महारथः 1.4 || युयुधानो भावार्थः में युद्ध करने वाले महान योद्धा हैं, जो भीम और अर्जुन के समान इस सेना पराक्रमी हैं -जैसे युयुधान (सात्यकि) , विराट और महारथी द्वपद आदि। हमें क्या सीखने को मिलता है ? स्थिति को समझना जरुरी है किसी भी निर्णय से पहले पूरी स्थिति और सामने वाले ताकत को समझना आवश्थक है। अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन अमूल्य है जो लोग और योग्य होते हैं, उनका मार्गदर्शन अनुभवी हमें सही दिशा दिखाता है। तैयारी और सजगता सफलता की कुंजी है सही रणनीति, तैयारी और सजगता से ही हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं | श्रीकृष्ण ` का संदेश समझदारी , धैर्य और सही निर्णय ही जीवन में जीत दिलाते हैं। " Il ೌ ೫ ಹur Il श्रीमद्गवद्गीता अर्जुनविषादयोग अध्याय 1 : श्लोक 3 पश्यैतां पाण्डुपुत्राणामाचार्य महतीं चमूम् | द्वपदपुत्रेण तव शिष्येण धीमता || १.३ |I লুা ' भावार्थः हे आचार्य! देखिए पाण्डु पुत्रों की यह विशाल सेना, ही बुद्धिमान '  शिष्य दृपद पुत्र (धुष्ट्दयुम्न) ने जो आपके युद्ध के लिए सुसज्जित की हैं | श्लोक 4 अत्र शूरा महेखासा भीमार्जुनसमाः युूधि | विराटश्व द्रपदश्च महारथः 1.4 || युयुधानो भावार्थः में युद्ध करने वाले महान योद्धा हैं, जो भीम और अर्जुन के समान इस सेना पराक्रमी हैं -जैसे युयुधान (सात्यकि) , विराट और महारथी द्वपद आदि। हमें क्या सीखने को मिलता है ? स्थिति को समझना जरुरी है किसी भी निर्णय से पहले पूरी स्थिति और सामने वाले ताकत को समझना आवश्थक है। अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन अमूल्य है जो लोग और योग्य होते हैं, उनका मार्गदर्शन अनुभवी हमें सही दिशा दिखाता है। तैयारी और सजगता सफलता की कुंजी है सही रणनीति, तैयारी और सजगता से ही हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं | श्रीकृष्ण ` का संदेश समझदारी , धैर्य और सही निर्णय ही जीवन में जीत दिलाते हैं। " Il ೌ ೫ ಹur Il - ShareChat