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#📜मेरी कलम से✒️ #📝 अधूरे अल्फाज़ #✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी
📜मेरी कलम से✒️ - इँतज़ार पर छोटी सी कहानी इंतजार उन बूढ़ी आंखों से पूछिए जो आज भी अपने बेटे का इंतजार कर रही है। ६० वर्षीय पार्वती देवी आज पच्चीस वर्षों से अपने बेटे के वापस आने का इंतजार कर रही है।वेटा जो आज से पच्चीस लिए साल पहले परदेश गया था कमाने के आज वर्षों बाद ना बेटाआया ना पैसआया। जानें कहां चला गया दुनिया की भीड़ में कहीं खो गया उसका बच्चा वह बूढ़ी मां उससे पूछिए इंतजार की परिभाषा साहिब।# Neeraj Krishna Dwivedi Vour ote in इँतज़ार पर छोटी सी कहानी इंतजार उन बूढ़ी आंखों से पूछिए जो आज भी अपने बेटे का इंतजार कर रही है। ६० वर्षीय पार्वती देवी आज पच्चीस वर्षों से अपने बेटे के वापस आने का इंतजार कर रही है।वेटा जो आज से पच्चीस लिए साल पहले परदेश गया था कमाने के आज वर्षों बाद ना बेटाआया ना पैसआया। जानें कहां चला गया दुनिया की भीड़ में कहीं खो गया उसका बच्चा वह बूढ़ी मां उससे पूछिए इंतजार की परिभाषा साहिब।# Neeraj Krishna Dwivedi Vour ote in - ShareChat