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#दर्दनाक #हादसा #मौत
दर्दनाक - मौत ,  ব্ুসাবতী करंट लगने से युवक की काम के दौरान बिजली सप्लाई बंद ক বান তরীভবা ক লিঙ ঠীতা ঠায়া হাব किए जाने का दावा थाना   पुलिस मौके पर   पहुंची।  हरिभूमि न्यूज )पाटन प्रशासन की ओर से तहसीलदार पाटन ब्लॉक के ग्राम झीट में पवन ठाकुर और नायब तहसीलदार भूपेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। ग्रामीणों  बिजली खंभे पर काम करते समय को ओर से गजानंद सिन्हा और अंशु  एक युवक की करंट लगने से मौत हा गई। घटना के बाद आक्रोशित रजक ने पीड़ित परिवार का पक्ष ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रखते हुए अधिकारियों से चर्चा की। झीट में करीब तीन घंटे तक डटे काफी देर तक चली बातचीत के रहकर मृतक के परिवार को आर्थिक बाद সহামন ম্াযা নোল एक सहायता दिलाने की मांग की। लाख रुपए नकद सहायता और एक रुपए बादमें देने के साथनसाथ  है कि उस समय पूरे क्षेत्र की बिजली  जानकारी के अनुसार, बिजली संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच लाख विभाग के ठेकेदार द्वारा मजदूरों से गए और मृतक के परिजनों को सप्लाई बंद कर दी गई थी, बावजूद शासन की अन्य योजनाओं के तहत इसके युवक रिटर्न करंट की चपेट में कार्य कराया जा रहा था। ग्राम झीट मुआवजा देने की मांग को लेकर सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए निवासी जितेंद्र ठाकुर ( लगभग २८ आ गया। यह करंट कहां से आया करने लगे। स्थिति को प्रदर्शन यह जांच का विषय बना हुआ है।  लिए वर्ष ) सीढ़ी लगाकर बिजली खंभे नियंत्रित करने के लिए एसडीओपी और शव को पोस्टमार्टम के घटना की खबर मिलत ही बड़ी अमलेश्वर , पाटन और रानी तराई भेजा गया। पर काम कर रहा था। बताया जा रहा मौत ,  ব্ুসাবতী करंट लगने से युवक की काम के दौरान बिजली सप्लाई बंद ক বান তরীভবা ক লিঙ ঠীতা ঠায়া হাব किए जाने का दावा थाना   पुलिस मौके पर   पहुंची।  हरिभूमि न्यूज )पाटन प्रशासन की ओर से तहसीलदार पाटन ब्लॉक के ग्राम झीट में पवन ठाकुर और नायब तहसीलदार भूपेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। ग्रामीणों  बिजली खंभे पर काम करते समय को ओर से गजानंद सिन्हा और अंशु  एक युवक की करंट लगने से मौत हा गई। घटना के बाद आक्रोशित रजक ने पीड़ित परिवार का पक्ष ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रखते हुए अधिकारियों से चर्चा की। झीट में करीब तीन घंटे तक डटे काफी देर तक चली बातचीत के रहकर मृतक के परिवार को आर्थिक बाद সহামন ম্াযা নোল एक सहायता दिलाने की मांग की। लाख रुपए नकद सहायता और एक रुपए बादमें देने के साथनसाथ  है कि उस समय पूरे क्षेत्र की बिजली  जानकारी के अनुसार, बिजली संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच लाख विभाग के ठेकेदार द्वारा मजदूरों से गए और मृतक के परिजनों को सप्लाई बंद कर दी गई थी, बावजूद शासन की अन्य योजनाओं के तहत इसके युवक रिटर्न करंट की चपेट में कार्य कराया जा रहा था। ग्राम झीट मुआवजा देने की मांग को लेकर सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए निवासी जितेंद्र ठाकुर ( लगभग २८ आ गया। यह करंट कहां से आया करने लगे। स्थिति को प्रदर्शन यह जांच का विषय बना हुआ है।  लिए वर्ष ) सीढ़ी लगाकर बिजली खंभे नियंत्रित करने के लिए एसडीओपी और शव को पोस्टमार्टम के घटना की खबर मिलत ही बड़ी अमलेश्वर , पाटन और रानी तराई भेजा गया। पर काम कर रहा था। बताया जा रहा - ShareChat