एक बार एक जाट के मन में आ गई कि तपस्या करनी है
वो पहाड़ों की तरफ चल पड़ा, पहाड़ चढ़ते चढ़ते वो कई हजार मीटर ऊंचे पर्वत पर पहुंच गया
तपस्या पर बैठने से पहले उसे खयाल आया कि एक बीड़ी तो पी ही ले फेर तपस्या करेंगे , उसने जैसे ही जेब में हाथ डाला बीड़ी तो थी माचिस नहीं थी , अब उसने सोचा इतने ऊंचे पहाड़ से नीचे उतरने में तो कई दिन लग जायेंगे
इसलिए वो तपस्या पर बैठ गया
दिन, महीने, कई साल बीत गए फिर एक दिन अचानक शिव जी प्रकट हो गए
बोले में तेरी तपस्या खुश हुआ बोल बेटे क्या वरदान मांगता है
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जाट बोला "बाबा जी माचिस दो बीड़ी पीनी है "
😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂
#😵टाइम पास #😝 पकाऊ पोस्ट्स👻 #😉 और बताओ #🏚चुटकुलों का घर😜 #😛 व्यंग्य 😛

