Himkar prasad singh
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सीर्फ भोगी ही नही,त्यागी भी प्रेम करता है,घर परिवार छोडता है,आश्रम पर प्रेम करने लगता है प्रेम विचार नही है,इसलिए कोई प्रेम मे पडता है, तो गुणगुणाने लगता है।प्रेम के बिना जीवन सूना है । प्रेम के बिना जीवन हो ही नही सकता।दुसरे से न सही,स्वयं से तो प्रेम है ।💔श्री गुरु चरण सरोज जा !! निज मन मुकुर सुधार!! बर्नौ रघुवर विमल यश!! जो दायक फल चार llबुद्धिहिं तनु जानिके, सुमिरो पवन कुमार lबलबुद्धि विद्या देहूँ, हरहुं कलेश विकार llआषाढ़ शुक्ल पक्ष चतुर्दशी,पूर्वाषाढ़ा बाद उत्राषाढ़ा शुभ सुन्दर मंगलवार जय श्री संकटमोचन वीर हनुमान जी सुन्दर मंगलवार जय श्री संकटमोचन .!!!! #🙏🏻हनुमान जी के भजन
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