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#👉 लोगों के लिए सीख👈 #☝अनमोल ज्ञान
👉 लोगों के लिए सीख👈 - ೫afೆ: Il 1| श्रद्धेय श्रीरामचन्द्रजी डोंगरेजीके अमृतोपदेश जिसके मनमें कोई विकार नहीं है নিমন্ধা हृदय गंगाजलके समान शुद्ध जिसको भीतरसे भक्तिका रस 8 चढा वहाँ उसे 567 97 সানা ই, 8 6 बैठेगा, मुक्ति प्राप्त होती है। वह जहाँ वैकुण्ठ वहाँ भूमिको बनायेगा | श्रीमद्भागवत रसामृत ' से ೫afೆ: Il 1| श्रद्धेय श्रीरामचन्द्रजी डोंगरेजीके अमृतोपदेश जिसके मनमें कोई विकार नहीं है নিমন্ধা हृदय गंगाजलके समान शुद्ध जिसको भीतरसे भक्तिका रस 8 चढा वहाँ उसे 567 97 সানা ই, 8 6 बैठेगा, मुक्ति प्राप्त होती है। वह जहाँ वैकुण्ठ वहाँ भूमिको बनायेगा | श्रीमद्भागवत रसामृत ' से - ShareChat