Sagar Singh
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एक चिपचिपा सा गोंद जैसा कफयुक्त बलगम जैसा तत्व शरीर में बनता है वही विकृत अवस्था में बेड कोलेस्ट्रॉल बनकर हृदय फेफड़े और नस नाड़ियों परिसंचरण तंत्र में घुमता रहता है और यही अलग-अलग कारण और योग संयोग पाकर लकवा सायटिका हार्ट अटेक मृत्यु , कब्ज लीवर किडनी आमाशय में कफ वायु और पित्त के रोग पैदा करता है, इससे बचना चाहिए और दूध घी व शकर से बने पदार्थों, तेल वसा से बने पदार्थों, रिफाइंड तेल, अंग्रेजी दवाइयों खासकर पेन किलर दवाओं , खेती किसानी में कीट फफूंदी चारा नियंत्रण की दवाइयों उर्वरक में सावधानी यानी नाक आंख त्वचा हाथ पैर आदि अंग में इनका संपर्क कम से कम हो अर्थात हर क्रिया कर्म आचरण में कमी करने से ही आधा बचाव किया जा सकता है और बाकी आधा खूब चबा-चबाकर हल्का सादा भोजन, सूर्य प्रकाश में पसीना लाने वाली मेहनत परिश्रम प्राणायाम,पैदल यात्रा,सायकल यात्रा, तैरना,खेल कुद, व्यायाम योगासन, नृत्य से जीवन निरोगी व्यतीत करने में मदद मिलेगी 🙏🏻 सागर सिमरोल 🙏🏻 #👌 अच्छी सोच👍 #👉 लोगों के लिए सीख👈 #ayurveda #health
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