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#🕉️सनातन धर्म🚩 #🔱हर हर महादेव #🪔सावन का पवित्र महीना 🙏 #जय श्री हनुमान
।। श्रीमत्कुंजबिहारिणे नमः ।।
🚩 पवनदेव ने रोक ली समस्त प्राणवायु, तब देवताओं ने बाल हनुमान को दिया जीवनदान 🙏
पवनदेव ने अपने पुत्र की ऐसी अवस्था देखकर समस्त प्राणवायु को अपने भीतर समेट लिया। वायु के रुकते ही तीनों लोकों में हाहाकार मच गया और प्राणी श्वास के लिए व्याकुल होने लगे।
देवताओं को भी समझ आ गया कि पवनदेव के क्रोध के कारण ही संसार की यह अवस्था हुई है।
समस्त प्राणी व्याकुल हो उठे और देवताओं को भी चिंता सताने लगी।
तब ब्रह्माजी सहित सभी देवता पवनदेव के पास पहुँचे। ब्रह्माजी ने बाल हनुमान को देखा और करुणा से अपना हाथ उनके शरीर पर रखा।
ब्रह्माजी के स्पर्श से बाल हनुमान ने धीरे-धीरे चेतना प्राप्त की।
अपने पुत्र को फिर से आँखें खोलते देखकर पवनदेव का हृदय प्रसन्न हो उठा। तब देवताओं ने पवनदेव को शांत करने के लिए बाल हनुमान को दिव्य वरदान देने आरंभ किए।
देवराज इंद्र ने अपने वज्र के प्रहार से हुई पीड़ा के लिए बाल हनुमान को आशीर्वाद दिया कि आगे से उनका वज्र हनुमानजी को हानि नहीं पहुँचा सकेगा।
ब्रह्माजी ने उन्हें दीर्घायु तथा दिव्य शक्ति का आशीर्वाद दिया और उनके शरीर को अनेक प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से सुरक्षित रहने का वर प्रदान किया।
सूर्यदेव ने बाल हनुमान को अपने तेज का अंश प्रदान किया और आगे चलकर उन्हें ज्ञान तथा शास्त्रों की शिक्षा देने का आशीर्वाद दिया।
वरुणदेव ने जल से सुरक्षा का वर दिया और अग्निदेव ने उन्हें अग्नि से सुरक्षित रहने का आशीर्वाद दिया।
यमराज ने भी उन्हें अपने दंड से अवध्य रहने तथा अकाल मृत्यु से रक्षा का वर प्रदान किया।
भगवान शंकर ने बाल हनुमान को दिव्य शक्ति और दीर्घ जीवन का आशीर्वाद दिया। अन्य देवताओं ने भी अपनी-अपनी शक्तियों के अनुसार उस दिव्य बालक को वरदान प्रदान किए।
इन सभी देवताओं के आशीर्वाद से बाल हनुमान की दिव्य शक्ति और भी प्रबल हो गई। पवनदेव ने अपने पुत्र को हृदय से लगा लिया और तब जाकर उनका क्रोध शांत हुआ।
धीरे-धीरे तीनों लोकों में फिर से वायु का संचार होने लगा। प्राणियों में जीवन लौट आया और देवताओं के मुख पर भी प्रसन्नता दिखाई देने लगी।
उस दिन से बाल हनुमान देवताओं के आशीर्वाद से और भी तेजस्वी, शक्तिशाली और दिव्य हो गए। 🙏🚩