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26 May ki tithi ka महत्व #🙂shrimandirji🙂 #​🌸sanatan🌸 #🌞 Good Morning🌞 #ज्ञान
🙂shrimandirji🙂 - அஏதிவ2க ட@: निर्जला एकादशी पंचांग के अनुसार, २६ मई को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे निर्जला एकादशी (या भीमसेनी एकादशी) के नाम से जाना जाता है। यह साल की सभी २४ एकादशियों में सबसे श्रेष्ठ और कठिन मानी जाती है, क्योंकि इसमें अन्न के साथनसाथ जल एक बूंद का भी त्याग किया जाता है। भगवान विष्णु 7 को समर्पित यह दिन केवल उपवास का नहीं, बल्कि आत्म-नियंत्रण (self-control) और दृढ संकल्प (willpower) का सबसे बड़ा प्रतीक है। यह एकादशी हमें सिखाती है कि यदि हमारे भीतर कडा अनुशासन और अपने लक्ष्य के प्रति अटूट विश्वास हो, तो हम जीवन की नजाी की किसी भी कठिन से कठिन तपस्या और चुनौती को पार कर सकते हैं। அஏதிவ2க ட@: निर्जला एकादशी पंचांग के अनुसार, २६ मई को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे निर्जला एकादशी (या भीमसेनी एकादशी) के नाम से जाना जाता है। यह साल की सभी २४ एकादशियों में सबसे श्रेष्ठ और कठिन मानी जाती है, क्योंकि इसमें अन्न के साथनसाथ जल एक बूंद का भी त्याग किया जाता है। भगवान विष्णु 7 को समर्पित यह दिन केवल उपवास का नहीं, बल्कि आत्म-नियंत्रण (self-control) और दृढ संकल्प (willpower) का सबसे बड़ा प्रतीक है। यह एकादशी हमें सिखाती है कि यदि हमारे भीतर कडा अनुशासन और अपने लक्ष्य के प्रति अटूट विश्वास हो, तो हम जीवन की नजाी की किसी भी कठिन से कठिन तपस्या और चुनौती को पार कर सकते हैं। - ShareChat