यदि यह विधेयक पारित होता, तो कांग्रेस के भीतर प्रियंका गांधी एक सशक्त और प्रभावशाली नेतृत्व के रूप में उभर सकती थीं और संभवतः इसी राजनीतिक आशंका ने राहुल गांधी को इस बिल के विरोध के लिए प्रेरित किया: प्रवीन खंडेलवाल#सियासत पर नजर #🗞️पॉलिटिकल अपडेट #🌷भाजपा 🟠 #महिला आरक्षण बिल #🌿 आज के ताजा अपडेट पोस्ट 🌿


