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#☝आज का ज्ञान #👉 लोगों के लिए सीख👈 #🌸 सत्य वचन #🙏 प्रेरणादायक विचार #❤️जीवन की सीख
☝आज का ज्ञान - Mmtu - नालायकिया किसी ना किसी के समर्थन पर पनपती है,व्यक्ति को यदि कर्मफल भलीभांति पता हो और मिलता रहे,तो उस पर अंकुश है।दुष्ट इंसान को उसके कर्मफल से बचा कर तुम उसकी दुष्टता 6 को प्रोत्सान देते हो।ये सदा का खेल है, महाभारत ऐसे ही नहीं हो गयी  दुर्योधन की और से कोरवो की तरफ थी ना।महाभारत का युद्ध क्या पहली दुष्टता थी,वो ४० साल से यही कर रहे थे।दुर्योधन ने 5 या 7 साल की उम्र से नालायकिया शुरु कर दी थी।पिता की शह पर और ।सहानुभूति दिखाये करता चला गया। अतः परिणाम महाभारत जाओ , और दुष्ठता को बढ़ाये जाओ , फिर महाभारत तो होगी ही होगी। अरे मेरा बच्चा है,ये तुम्हे ही काटेगा एक दिन।और कुल कुटुंब को भी मरवा देगा।जब भी कोई व्यक्ति किसी घर का बर्बाद होता है,उसकी बर्बादी में नंबर एक योगदान उसके घरवालों माँ बाप सम्बन्धियों का ही होता है।मोहवस, अज्ञानता के कारण। लगाम लगाने का समय होता है,वो भी बचपन में ही॰वरना वो बड़ा हो गया तब अगर लगाम लगाने की कोसिस करी तो उल्टी माँ बापों पर बच्चा लगाम लगा देगा, और माँ बाप कुछ कर भी नहीं पाएंगे। कुरुक्षेत्र में सबके मरने की वजह सिर्फ धृतराष्ट्र था,ये जो अंधा बाप होता है,ना पुत्रमोह में पागल,ये अपने ही कुल कुटुंब और लाखो अन्य साथियों का खुन बहवा देता है।ये जो बाप होता है इसको कुछ समझ नहीं आ रहा होता है,बच्चे को जितनी करनी है,करे मूर्खता खुल्ली छूठ है,मूर्खतापूर्ण कोई भी काम करे, करने दो।इन सब बातो का परिणाम ही महाभारत होती है।कोई भी रिश्ता सच्चाई से बड़ा नहीं होता,तो जब रिश्तों के मुद्दे आये,तो सच्चाई से मुँह मत मोड़ लेना, आँखे मत मुंद लेना, मोहवस , और अज्ञानवस वरना महाभारत की नीव डल गयी समझ लेना। Mmtu - नालायकिया किसी ना किसी के समर्थन पर पनपती है,व्यक्ति को यदि कर्मफल भलीभांति पता हो और मिलता रहे,तो उस पर अंकुश है।दुष्ट इंसान को उसके कर्मफल से बचा कर तुम उसकी दुष्टता 6 को प्रोत्सान देते हो।ये सदा का खेल है, महाभारत ऐसे ही नहीं हो गयी  दुर्योधन की और से कोरवो की तरफ थी ना।महाभारत का युद्ध क्या पहली दुष्टता थी,वो ४० साल से यही कर रहे थे।दुर्योधन ने 5 या 7 साल की उम्र से नालायकिया शुरु कर दी थी।पिता की शह पर और ।सहानुभूति दिखाये करता चला गया। अतः परिणाम महाभारत जाओ , और दुष्ठता को बढ़ाये जाओ , फिर महाभारत तो होगी ही होगी। अरे मेरा बच्चा है,ये तुम्हे ही काटेगा एक दिन।और कुल कुटुंब को भी मरवा देगा।जब भी कोई व्यक्ति किसी घर का बर्बाद होता है,उसकी बर्बादी में नंबर एक योगदान उसके घरवालों माँ बाप सम्बन्धियों का ही होता है।मोहवस, अज्ञानता के कारण। लगाम लगाने का समय होता है,वो भी बचपन में ही॰वरना वो बड़ा हो गया तब अगर लगाम लगाने की कोसिस करी तो उल्टी माँ बापों पर बच्चा लगाम लगा देगा, और माँ बाप कुछ कर भी नहीं पाएंगे। कुरुक्षेत्र में सबके मरने की वजह सिर्फ धृतराष्ट्र था,ये जो अंधा बाप होता है,ना पुत्रमोह में पागल,ये अपने ही कुल कुटुंब और लाखो अन्य साथियों का खुन बहवा देता है।ये जो बाप होता है इसको कुछ समझ नहीं आ रहा होता है,बच्चे को जितनी करनी है,करे मूर्खता खुल्ली छूठ है,मूर्खतापूर्ण कोई भी काम करे, करने दो।इन सब बातो का परिणाम ही महाभारत होती है।कोई भी रिश्ता सच्चाई से बड़ा नहीं होता,तो जब रिश्तों के मुद्दे आये,तो सच्चाई से मुँह मत मोड़ लेना, आँखे मत मुंद लेना, मोहवस , और अज्ञानवस वरना महाभारत की नीव डल गयी समझ लेना। - ShareChat