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##जैसादर्दअपनेहो_ऐसाजान_बिरानै कबीर-माँस माँस सब एक है, मुरगी हिरनी गाय। आँखि देखि नर खात है, ते नर नरकहिं जाय।। कबीर साहेब स्पष्ट करते हैं कि मांस चाहे किसी भी प्राणी का हो, जो मनुष्य मांस खाता है, वह नरक अर्थात दोजख में जाता है।
#जैसादर्दअपनेहो_ऐसाजान_बिरानै - ~c7 ೧೧ आपने होवै बिरानै ऐसा जान संत गरीबदास जी महाराज मुल्ला काजियों से पूछते है३ ममड़ी का दूध पीवत हो, जा दही घृत बहुत खाई। कूँ फिर हलाल करत हो, जा ले कर कर्द कसाई।। अर्थात जिस गाय माता का दध और घी खाकर मनुष्य पलता है॰ उसौ पर छुरी कसाईपन और भारी कृतघ्नता है। যন ~c7 ೧೧ आपने होवै बिरानै ऐसा जान संत गरीबदास जी महाराज मुल्ला काजियों से पूछते है३ ममड़ी का दूध पीवत हो, जा दही घृत बहुत खाई। कूँ फिर हलाल करत हो, जा ले कर कर्द कसाई।। अर्थात जिस गाय माता का दध और घी खाकर मनुष्य पलता है॰ उसौ पर छुरी कसाईपन और भारी कृतघ्नता है। যন - ShareChat