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#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - "यार से ऐसी यारी रख "दुःख में भागीदारी रख ! "चाहे लोग कहे कुछ भी, "तू तो जिम्मेदारी रख ! "वक्त पडे़े काम आने का, "पहले अपनी बारी रख ! "मुसीबते तो आएगी, "पूरी अब तैयारी रख ! "कामयाबी मिले ना मिले, "जंग हौंसलों की जारी रख ! "बोझ लगेंगे सब हल्के, "मन को मत भारी रख ! जीता, "मन जीता तोजग "कायम अपनी खुद्दारी रख !! "यार से ऐसी यारी रख "दुःख में भागीदारी रख ! "चाहे लोग कहे कुछ भी, "तू तो जिम्मेदारी रख ! "वक्त पडे़े काम आने का, "पहले अपनी बारी रख ! "मुसीबते तो आएगी, "पूरी अब तैयारी रख ! "कामयाबी मिले ना मिले, "जंग हौंसलों की जारी रख ! "बोझ लगेंगे सब हल्के, "मन को मत भारी रख ! जीता, "मन जीता तोजग "कायम अपनी खुद्दारी रख !! - ShareChat